CANADIAN MAYOR REFUSES TO REMOVE PORK FROM SCHOOL CANTEEN MENU Whatsapp Message

CANADIAN MAYOR REFUSES TO REMOVE PORK FROM SCHOOL CANTEEN MENU and EXPLAINS WHY


Muslim parents demanded the abolition of pork in all the school canteens of a Montreal suburb. The mayor of the Montreal suburb of Dorval has refused, and the town-clerk sent a note to all parents to explain why. Here's that note:

“Muslims must understand that they have to adapt to Canada and Quebec, its customs, its traditions, its way of life, because that's where they chose to immigrate.

“They must understand that they have to integrate and learn to live in Quebec.

“They must understand that it is for them to change their lifestyle, not  the Canadians who so generously welcomed them.

“They must understand that Canadians are neither racist nor xenophobic, they accepted many immigrants before Muslims (whereas the reverse is not true, in that Muslim states do not accept non-Muslim immigrants).

“That no more than other nations, Canadians are not willing to give up their identity, their culture.

“And if Canada is a land of welcome, it's not the Mayor of Dorval who welcomes foreigners, but the Canadian-Quebecois people as a whole.

“Finally, they must understand that in Canada (Quebec) with its Judeo-Christian roots, Christmas trees, churches and religious festivals, religion must remain in the private domain.
The municipality of Dorval was right to refuse any concessions to Islam and Sharia.

“For Muslims who disagree with secularism and do not feel comfortable in Canada, there are 57 beautiful Muslim countries in the world, most of them under-populated and ready to receive them with open halal arms in accordance with Sharia.

“If you left your country for Canada, and not for other Muslim countries, it is because you have considered that life is better in Canada than elsewhere.

“Ask yourself the question, just once, “Why is it better here in Canada than where you come from?” 'A canteen with pork' is part of the answer.”

Satsang- A Short Story of Punya


Satsang- A Short Story of Punya

A multi millionaire was travelling in his car. While driving, he was listening to Satsang of a certain religious Saint. The Saint was preaching that, everyone in the world is after money only. But they are ignorant that they cannot take their money with them after their death. But Still they are after money only and do whatever possible ways to get the money. The millionaire got annoyed of his statement. He said to himself that since the Saint has no money with him, he is giving a Lecture like this.
The next day, the millionaire called all his employees and advised them to give him an idea so that he can take all his wealth along with him after his death. Everyone thought that their boss has gone mad and tried to avoid him.

Days passed by.

Suddenly one day a stranger approached the millionaire and informed him that he had heard about his query & he has one brilliant idea. The millionaire could not believe his ears as everyone has declared him "Mad". The millionaire was very eager to hear his idea. The stranger first asked him whether he had travelled abroad.

The millionaire said that he had visited almost all countries.

Then the stranger asked him what he had done when he went to USA?

The millionaire said that he had converted the Indian rupees into American dollars and went to USA.

The stranger again asked him, what he had done when he went to UK?

The millionaire replied that he had converted Indian rupees into Pounds Sterling and went to England.

The stranger asked him why he did all this. The millionaire laughed and told the stranger that our Indian rupees have no value in USA and in England.

The stranger replied that you are very correct and continued.

Mr. Millionaire, now you want to go to the Heaven world after your death, correct?.

Well, in the Heaven world, the name of the currency is punnya. So you convert your entire Indian rupees into the currency of Punnya so that you can spend very happily there after your death. The rich man was convinced and very happy to hear his idea and started, helping the needy without expecting anything in return, that is Dharma one way of earning punnya

So, GO FOR IT! Start building your Heavenly account


Create one India

हम भारतीयों में आजकल एक नयी कुरीति का जन्म हो गया है और वो है "मेरा धर्म सबसे बड़ा (श्रेष्ठ) नीचे इसके कुछ उदाहरण है


  • बनिया कंजूस होता है, 
  • नाई चतुर होता है,
  • ब्राह्मण धर्म के नाम पे बेबकूफ बनाता है,
  • राजपूत अत्याचारी होते हैं,
  • चमार गंदे होते हैं,
  • जाट और गुर्ज्जर बेवजह लड़ने वाले होते हैं,
  • मारवाड़ी लालची होते हैं.


और ना जाने ऐसी कितनी परम ज्ञान की बातें सभी हिन्दुओं को आहिस्ते - आहिस्ते सिखाई गयी !

नतीजा

 हीन भावना, एक दूसरे जाती पर शक, आपस में टकराव होना शुरु हुआ और अंतिम परिणाम हुआ की मजबूत, कर्मयोगी और सहिष्णु हिन्दू समाज आपस में ही लड़कर कमजोर होने लगा ! उनको उनका लक्ष्य प्राप्त हुआ ! हजारों साल से आप साथ थे...आपसे लड़ना मुश्किल था..अब आपको मिटाना आसान है !

आपको पूछना चाहिए था की अत्याचारी राजपूतों ने सभी जातियों की रक्षा के लिए हमेशा अपना खून क्यों बहाया ? आपको पूछना था की अगर चमार, दलित को ब्राह्मण इतना ही गन्दा समझते थे तो बाल्मीकि रामायण जो एक दलित ने लिखा उसकी सभी पूजा क्यों करते हैं ? और चाणक्य ने चन्द्रगुप्त ही क्यूँ चुने??

अपने नहीं पूछा की आपको सोने का चिड़ियाँ बनाने में मारवाड़ियों और बनियों का क्या योगदान था ?
जिस डॉम को आपने नीच मान लिया, उसी के दिए अग्नि से आपको मुक्ति क्यों मिलती है ?
जाट और गुर्जर अगर लड़ाके नहीं होते तो आपके लिए अरबी राक्षसों से कौन लड़ता ?

जैसे ही कोई किसी जाति की कोई मामूली सी भी बुरी बात करे, टोकिये और ऐतराज़ कीजिये ! इन सब भावनाओ में घिरे रहने से ना ही हम भारतवासी कभी प्रगति की तरफ नहीं बढ़ सकते हमारा प्रयास इन सब भावनाओ के खिलाफ अपने विचारो को लोगो तक पहुंचाने का होना चाहिए हम सब का कर्त्तव्य है की जाती और धर्म से ऊपर उठकर हमें अपने देश और इंसानियत को प्राथमिकता देनी चाहिए

मिडिल क्लास आदमी!

मिडिल क्लास आदमी!

हम मिडिल क्लास आदमी हैं। जब हम गोवा नहीं जा पाते तो चुप मार के अपने गाँव चले जाते हैं! एक उमर तक ना हम ढेर आस्तिक हैं ना कम नास्तिक। कुछ कुछ मौक़ापरस्त! पीड़ा में होते हैं तो भगवान को याद करते हैं। जब सब कुछ तबाह हो जाए तो भगवान को दोष देते हैं और जब मनोकामना पूरी हो जाए तो भगवान को किनारे कर देते हैं।

हम नेताओं को गरियाते हैं और एक्टरों को पूजते हैं। हम अपने नेता चुनते हैं पर उनसे सवाल नहीं कर पाते। उनको ना कोस के ख़ुद को कोसते हैं। अमिताभ और सचिन हमारे भगवान होते हैं। हमको अटल बिहारी बाजपेयी के अलावा कोई और नेता लीडर लगता ही नहीं।

हम वो हैं जो कभी कभी फटे दूध की चाय बना लेते हैं। एक ईयर फ़ोन में दोस्त के साथ रेडियो पे नग़मे सुन लेते हैं। गरमी हो या बारिश हमें विंडो सीट ही चाहिए होती है। १५ ₹/किलो आलू जब हम मोलभाव करके १३ में और धनिया फ़्री मे लेके घर लौटते हैं तो सीना थोड़ा चौड़ा कर लेते हैं।

हम कभी कभी फ़ेरी वाला समान अनायास ही ख़रीद लेते हैं। हम पैसे उड़ाते तो हैं पर हिसाब दिमाग़ में रखते हुए चलते हैं। हम दिया उधार जल्दी  वापस नहीं माँग पाते ना ही लिया हुआ जल्दी चुका पाते हैं। संकोच जैसे हिमोग्लोबिन में तैरता हो हमारे।

हम ताला मारते हैं तो उसे दो तीन बार खींच के चेक कर लेते है कि ठीक से तो बंद हुआ है ना? लाइट कटी हो तो बोर्ड की सारी स्विच ओन ओफ़ करके कन्फ़र्म करते हैं की कटी ही है। हमें ख़ुद की बिजली कटी होने पे तकलीफ़ तबतक नहीं होती जबतक पड़ोसी के यहाँ भी ना आ रही हो!

बेकरी वाला बिस्क़िट हम सिर्फ़ ख़ास मेहमानों के लिए रखते हैं।ज़िंदगी में कभी हवाई यात्रा का मौक़ा मिला तो हम उसका टिकट(बोर्डिंग पास सहित) हाई स्कूल-इण्टर की मार्कशीट की तरह सहेज के रखते हैं। हम स्लीपर ट्रेन में आठ की आठ सीटों पे बैठे यात्रियों की बात चाव से सुनते हैं और उनको अपनी तकलीफ़ और क़िस्से सुनाते हैं।

भीड़ में कोई चेहरा पसंद भी आजाए तो पलट के देखना अपनी तौहीन समझते हैं। कोई लिफ़्ट माँग ले तो रास्ते भर ये सोचते रहते हैं कि यार बैठा ही लिया होता। हम घर से दफ़्तर और दफ़्तर से घर बस यही हिसाब लगाते हुए आते हैं कि मकान की किश्त और घर के ख़र्चे के बाद कुछ सेविंग मुमकिन है क्या?

अपने लिए नए जूते लेने के लिए हम दस बार सोचते हैं और दोस्तों के साथ पार्टी में उससे दुगने पैसे उड़ा देते हैं। हम इमोशनल होते हैं तो रो देते हैं पर आँसू नहीं गिराते। आँसू सिर्फ़ वहींगिराते हैं जहाँ मालूम होता है कि सामने वाला आँसू चुन लेगा।

हम अपनी गलतीयों को याद नहीं करना चाहते। वाहवाही को हम ज़िंदगी से ज़्यादा सिरियस लेते हैं। हम किसी के व्यंग का जवाब उसे नज़रअन्दाज़ करके देते हैं। हम झगड़ा तबतक नहीं करते जबतक सामने वाला इतना इम्पोर्टेंट ना हो। हमें दूसरों के आगे चुप रहना पसंद है और अपनों के आगे तो हम उसे चुप करा करा के सुनाते हैं।

कोई सम्मन से बात भर कर ले हम उसे सिर चढ़ा लेते हैं और जो कोई फन्ने खाँ बना तो नज़र में!  मिडिल क्लास लोग हैं। हम सुबह का खाना शाम को भी खा लेते हैं और कभी कभी तो अगली सुबह भी। हम दारू पीते हैं तो नशे से ज़्यादा अपनी कम्पनी को एंजवाय करते हैं।

प्रेम को हम सीरियासली लेते हैं। हम जब प्रेम करते हैं और तो अपना सब कुछ न्योछावर कर देते हैं उनपे और बना लेते एक मुकम्मल दुनिया। अपने अपने बजट से। मिडिल क्लास आदमी अपनी छोटी छोटी ख़्वाहिशों को बड़े बड़े अरमान के साथ जी लेता है।

गाने की लिरिक्स ना याद हो तो आधा गा के पूरी धुन गुनगुना लेते हैं। कभी कभी साबुन से बाल भी धुल लेते हैं। छोटी छोटी ख़ुशियों को पनीर खा के सेलेब्रेट कर लेते हैं।

मिडिल क्लास आदमी उतना ही सच्चा होता है जितनी निरछल उसकी मुस्कान। देखिएगा कभी।

Arvind Kejriwal Memes

Arvind Kejriwal Memes

Arvind Kejriwal is a politician who is most popular on internet. Not because he is honest and hard working politician because of his stupid statements and corrupt politics. He is secured a place in the list of most hated personality on internet.

When we search for Arvind Kejriwal Memes we get millions of creative memes on him. Today I tried to collect few best memes of Arvind Kejriwal and would like to share it with you.

Ye Sab Modi ne kiya hai is one of the favorite dialogue of Arvind Kejriwal. Whatever the reason is, he always finds a way to blame it on prime minister Narendra Modi. He believes he is not able to perform because of Narendra Modi. 


This was the most famous meme when Arvind Kejriwal was slapped by his own party supporter. Incident took place when Arvind Kejriwal was doing a rally and suddenly an auto driver came to put a garland show his gratitude but just after that he slapped Kejriwal so hard and people start making memes on him.


Every incident is political when people in Delhi has CM like Arvind Kejriwal. This picture has nothing to do with politics but people hate Kejriwal so much that they made this.

Some more hilarious honesty memes of Arvind Kejriwal





 Admin Tu bhi bhrast ho gaya is one of the most circulated meme on messaging app whatsapp. People often use it to address whatsapp group admin for taking favor of any special group member.




List doesn't ends here. There are few more creative memes which will definitely make you laugh.

This one was came out in social media when people inked Kejriwal during at press conference. He was addressing people and suddenly a guy inked him for his dirty politics.
 When Kejriwal was preparing for Goa elections, he did something which went viral on social media. As you can see in the picture, this was the most funny meme on Arvind Kejriwal during his election campaign in Goa.

This is one of the most hillarious and my personal favorite meme so far. It was an old meme created by some creative minds when he did his first Dharna and after 4 years it is still topping the charts. He is still doing dharna and blaming others for his failures. In the history of Indian politics, no CM has ever blamed others this much for his own failures.

Hope you would like the collection of memes. There are lot more creative memes are available on internet.

Comment below which one you liked the most and share more memes which you have saved in your phone/computers.

Facilities available in government hospital

Facilities available in government hospitals

एक बाप स्ट्रेचर पर तडपते हुए अपने बेटे को दिलासा दिला रहा था कि "बेटा मैं हूँ , सब ठीक हो जाएगा बस तुम्हारी MRI होना बाकी है फिर डॉक्टर तुम्हारा इलाज शुरू कर....."

वो बदकिस्मत बाप अपनी बात पूरी कर पाता उस से पहले ही स्ट्रेचर पर पड़े उसके बेटे को एक भयानक दौरा पड़ा। बात बीच में छोड़ कर वो उसकी पीठ पर थप्पी मारने लगा। अपने इक्लोते बेटे को यूँ तडपते हुए देख उसकी आँखों से आंसू टपकने लगे। 6 फिट लम्बाई लम्बा चोडा शरीर था उसका  लेकिन अपने बेटे की दुर्दशा देख उसका सारा पोरुष पिघल गया। बच्चो की माफिक रोने लगा।

उसे उम्मीद थी कि जल्द उसके बेटे की MRI हो जायेगी। फिर उसको हुई बिमारी का पता चल जाएगा और उसका काम हो जाएगा। होगा क्यों नहीं ? देश के सबसे बड़े अस्पताल में जो आया था सारी उम्मीद लेकर आया था। लेकिन पिछले 1 घंटे से उसका नंबर आया। आता भी कैसे ? अन्दर पहले से MRI करवाने वालो की भीड़ जो थी। एक MRI में करीब आधा घंटा लगता है। और 50 संवेदनहीन लोग उस से पहले लाइन लगा के बेठे थे। और मशीन 24 घंटे चलती तब भी उसका नंबर शायद 2वे दिन आता। देश का सबसे बड़ा अस्पताल ! देश के नामी गिरामी विशेषज्ञों से लेस अस्पताल !

 हम 21 वि सदी में हैं हमारी GDP की रफ़्तार सभी देशो को मात दे रही है। हमने सबसे सस्ता मंगल यान अन्तरिक्ष में भेज दिया। हर महीने हर सप्ताह हमारा इसरो नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हमें न्युक्लिर मिसाइल ग्रुप की सदस्यता मिलने वाली है। हम तेजस जैसे हलके लड़ाकू विमान बना रहे हैं। पंडूबियाँ बना रहे हैं। लेकिन हमारे अस्पतालों में पर्याप्त  Xray मशीन नहीं हैं पर्याप्त MRI मशीन नहीं हैं। होंगी भी कैसे ? या तो मशीन आती नहीं हैं और अगर भी जाती हैं तो उनका इस्तेमाल करने वाले डाक्टर नहीं हैं या फिर सरकारी हस्पतालो में भीड़ इतनी होती है की जनता को उसका लाभ मिल ही नहीं पाता

आखिर में वो बिलखता हुआ बाप स्ट्रेचर पे लेटे हुए अपने बच्चे को रोते हुए बाहर ले गया। शायद हिम्मत टूट गयी थी उसकी  या उस बच्चे की साँसे !! :'( लेकिन रोज मोत देखने वाले अस्पताल की संवेदनाये तो मर चुकी थी उन्हें क्या फर्क पड़ता है कि कोई मरे या जिए आज दान की जरूरत मंदिरो से ज्यादा अस्पतालों को है

The dogs treatment

The Dogs Treatment (कुत्ते का इलाज एक लघु कथा )

जानवरों के डॉक्टर के पास एक महिला आई जिनके साथ एक महंगी नस्ल का कुत्ता था। वह कहने लगी डाक्टर साब "मेरे कुत्ते के साथ अजीबो गरीब बीमारी हो गई है। मेरा कुत्ता बड़ा ज़िद्दी हो गया है इसे अपने पास बुलाती हूँ तो ये दूर भाग जाता है।

कृपया आप कुछ करें मेरा इस कुत्ते से बहुत लगाव है और मैं इसके बदले वर्ताव को सहन नहीं कर पा रही हूँ। डॉक्टर ने कुत्ते को ग़ौर से देखा।  पन्द्रह मिनट जांच करने के बाद कहा "ये कुत्ता एक रात के लिए मेरे पास छोड़ दें मैं इसका इलाज करूँगा।"

उसने बडी बेदिली से हामी भर ली। डॉक्टर ने अपने सहायक को आवाज़ दी और कहा कि इसे भैंसों के साथ बांध दो और हर आधे घंटे पर इसे केवल पानी देना और बहुत ज़्यादा डराना।

डॉक्टर का सहायक जट् आदमी था। रात भर कुत्ते के साथ डर ट्रीटमेंट करता रहा। दूसरे दिन महिला आ धमकीं। और उन्होंने बड़ी उत्सुकता से डाक्टर साहब से पूछा की आपने क्या इलाज किया मेरे कुत्ते का और वो कहा है कैसा है महिला ने जल्दी से अपने कुत्ते को लाने के लिए डाक्टर साहब से विनती की

डाक्टर साहब ने बड़ी ही विनम्रता से महिला के सवालो का जवाब दिया और अपने सहायक को उस कुत्ते को लाने के लिए कहा ज्यों ही कुत्ता कमरे मे आया..छलांग लगा के महिला की गोद मे आ बैठा, लगा दुम हिलाने,
मुंह चाटने!!

महिला कहने लगीँ: सर, आपने इसके साथ क्या किया कि अचानक इसका यह हाल है?

डॉक्टर ने कहा: बड़े से एयर कंडीशनर कमरे, रोज़ अति स्वादिष्ट भोजन खा खाके ये अपने को मालिक समझ बैठा था और अपने मालिक की पहचान भूल बैठा था बस इसका यही वहम उतारने के लिए थोड़ा
Psychological plus physical treatment की ज़रूरत थी वह दे दी, अब यह ठीक है और आपको कोई परेशानी नहीं देगा

सारांश ~~

*"बस यही ट्रीटमेंट अगर देश के अन्दर :

भारत माता को गाली देने वाले,
भारत के टुकड़े करने वाले,
आज़ादी का दुरुपयोग करते हुए आजादी मांगने वाले,
सीमा के रक्षक जवानों को अपशब्द कहने वाले
और दुश्मन देश को जिन्दाबाद कहने वालों के साथ हो

तो कश्मीर ही नहीं पूरे देश से आतंकवाद और नक्सलवाद समाप्त हो जायेगा..."*

 जय हिंद, जय भारत!

Information

CANADIAN MAYOR REFUSES TO REMOVE PORK FROM SCHOOL CANTEEN MENU Whatsapp Message

CANADIAN MAYOR REFUSES TO REMOVE PORK FROM SCHOOL CANTEEN MENU and EXPLAINS WHY Muslim parents demanded the abolition of pork in all the...